अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष कर्ण भटनागर ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि वीरवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पिंक पेटल पर हिमाचल प्रदेश कृषि,उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय (संसोधन) विधेयक 2023 की प्रीतियां जला कर प्रदर्शन किया।
कर्ण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कृषि,औद्योनिकी व वानिकी विश्वविद्यालय अधिनियम 1986 के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में दो विश्वविद्यालय चल रहे हैं उसमें से एक चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर है तथा दूसरा डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्योगिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सोलन है। अगर दोनों विश्वविद्यालय की कार्यपद्धति को देखा जाए तो, इसका नाम देश के अच्छे विश्वविद्यालय में आता है ।परंतु सरकार ने जो संशोधन लाए हैं, इससे सरकार संशोधन के माध्यम से इन दोनों विश्वविद्यालय में अपना हस्तक्षेप करना चाहती है। अभी तक इन विश्वविद्यालय के उप कुलपति की नियुक्ति कुलाधिपति यानि हमारे प्रदेश के राज्यपाल करते हैं ।उसका पूरा प्रोसेस एक रिसर्च कमेटी तय करती है ।वह कमेटी बायोडाटा मंगवाती है और उनमें से एक अच्छे शिक्षाविद की योग्यता को देखकर उसे उप कुलपति नियुक्त किया जाता है। परंतु इस सरकार ने संशोधन लाए हैं कि कुलाधिपति उप कुलपति की नियुक्ति सरकार की सहायता और सलाह पर करेंगे।इसका विद्यार्थी परिषद कड़ा विरोध करती है। क्योंकि इस प्रकार से विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली पर सरकार का यह सीधा-सीधा हस्तक्षेप है ।क्योंकि हमारे विश्वविद्यालय स्वायत्त संस्थाएं हैं। इन स्वायत्त संस्थानों में हस्तक्षेप करना न तो प्रदेश के हित में है और न ही इन विश्वविद्यालयों के हित में। इस प्रकार के संशोधन करके प्रदेश सरकार राज्यपाल के अधिकारों को कम करने की कोशिश करने जा रही है। इन संशोधनों की कोई जरूरत नहीं है। यह न तो प्रदेश हित में और न ही इन विश्वविद्यालय के हित में। इसलिए सरकार द्वारा लाए गए इन सब संशोधनों को वापस लिया जाए । ये दोनों विश्वविद्यालय देश में बहुत अच्छी रैंकिंग के साथ काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस विधेयक को शीघ्र वापिस नहीं लेती है तो विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने को तैयार है।
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