अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज जालंधर : नगर निगम जालंधर कूड़ा प्रबंधन को लेकर बार- बार असफल हो रहा है अब इंदौर माडल पर फोकस करेगा। जिस तरह मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में कूड़ा प्रबंधन पर काम किया जा रहा है, उसी का अनुसरण करते हुए जालंधर में भी काम करने की तैयारी की जा रही है। इंदौर शहर कूड़ा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को लेकर स्वच्छ भारत मिशन में पिछले कई वर्षों में लगातार नंबर वन बना हुआ है। नगर निगम कमिश्नर ऋषिपाल सिंह ने कहा कि कूड़ा प्रबंधन पर फोकस किया गया है। किसी नई तकनीक या कोई नया तरीका ढूंढ़ने के बजाय जो तरीके पहले से ही सफल हैं उनका अनुसरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी जहां-जहां कूड़ा प्रबंधन पर अच्छा काम हो रहा है वहां से भी टिप्स लेंगे और उसको जालंधर में अपनाया जाएगा। ज्वाइंट कमिश्नर पुनीत शर्मा इस पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल इंदौर का काम देखने के लिए टीम भेजने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि प्राथमिक काम सभी जगह एक जैसे हैं। हर घर हर संस्थान से गीला और सूखा कूड़ा अलग- अलग इकट्ठा करने की प्रक्रिया पूरे शहर में लागू की जाएगी। पुनीत शर्मा ने कहा कि इसके लिए छोटा टेंपो भी खरीदे जाएंगे ताकि घरों से कूड़ा इकट्ठा करने में आसानी रहे। ऋषिपाल सिंह का कहना है कि जब कूड़ा प्रबंधन का काम करीब 80 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो इंदौर में प्रोसेसिंग और कूड़े के निपटारे की जानकारी लेने के लिए टीम भेजी जा सकती है।
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज जालंधर : नगर निगम जालंधर कूड़ा प्रबंधन को लेकर बार- बार असफल हो रहा है अब इंदौर माडल पर फोकस करेगा। जिस तरह मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में कूड़ा प्रबंधन पर काम किया जा रहा है, उसी का अनुसरण करते हुए जालंधर में भी काम करने की तैयारी की जा रही है। इंदौर शहर कूड़ा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को लेकर स्वच्छ भारत मिशन में पिछले कई वर्षों में लगातार नंबर वन बना हुआ है। नगर निगम कमिश्नर ऋषिपाल सिंह ने कहा कि कूड़ा प्रबंधन पर फोकस किया गया है। किसी नई तकनीक या कोई नया तरीका ढूंढ़ने के बजाय जो तरीके पहले से ही सफल हैं उनका अनुसरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी जहां-जहां कूड़ा प्रबंधन पर अच्छा काम हो रहा है वहां से भी टिप्स लेंगे और उसको जालंधर में अपनाया जाएगा। ज्वाइंट कमिश्नर पुनीत शर्मा इस पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल इंदौर का काम देखने के लिए टीम भेजने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि प्राथमिक काम सभी जगह एक जैसे हैं। हर घर हर संस्थान से गीला और सूखा कूड़ा अलग- अलग इकट्ठा करने की प्रक्रिया पूरे शहर में लागू की जाएगी। पुनीत शर्मा ने कहा कि इसके लिए छोटा टेंपो भी खरीदे जाएंगे ताकि घरों से कूड़ा इकट्ठा करने में आसानी रहे। ऋषिपाल सिंह का कहना है कि जब कूड़ा प्रबंधन का काम करीब 80 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो इंदौर में प्रोसेसिंग और कूड़े के निपटारे की जानकारी लेने के लिए टीम भेजी जा सकती है।
Best Digital Marketing Services – Click Here

No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.