उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कृषि विज्ञान केंद्र बजौरा का दौरा कर वहां जुलाई माह में बाढ़ के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया । उन्होंने इस दौरान बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल तथा विभिन्न डेमोंसट्रेशन इकाइयों को हुए नुकसान के बारे में भी जानकारी हासिल की ।
कृषि विज्ञान केंद्र बजौरा की इंचार्ज डॉ. चंद्रकांता ने इस दौरान उपायुक्त को बताया कि बाढ़ के कारण कृषि विज्ञान केंद्र में भारी नुक़सान उठाना पड़ा है। उन्होंने बताया कि 9 व 10 जुलाई को आई बाढ़ ने कृषि विज्ञान केंद्र की लगभग 1500 मीटर बाउंड्री दीवार को तोड़ दिया जिससे केंद्र के परिसर में भारी मात्रा में रेत इकट्ठी हो गई है जिससे यहां स्थित डेमोंसट्रेशन इकाइयों को भी भारी नुकसान पहुंचा है तथा यहां लगाई गई विभिन्न फसले तथा अन्य फल पौधों को भी भारी नुकसान हुआ है
उन्होंने बताया कि डेमोंसट्रेशन क्षेत्र में लगभग 5 से 6 फुट रेत इकट्ठी हो गई है जिससे यहां होने वाली सभी व्यवहारिक गतिविधियां वाधित हुई हुई है उन्होंने बताया कि डेमोंस्ट्रेशन इकाइयों में लगभग 5 से 6 फुट रेत इकट्ठा हो गया है जिसे निकलना अति आवश्यक है ताकि यहां दुबारा फसलें लगाई जा सके। उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा करवाए गए आंकलन के अनुसार बाढ़ से लगभग 15 से 20 कऱोड़ का नुक़सान आंका गया है।
डॉ. चन्दरकांता ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र कुल्लू जिले के किसानों व बागवानों को कृषि व बागवानी सम्बंधित नवीनतम प्रोधोगिकी, प्रशिक्षण, गुणवत्ता युक्त पौधे व बीज उपलब्ध करवाने में अहम भूमिका निभाता है। जिले किसानों व बागवानों का इस केंद्र पर अटूट भरोसा है तथा वे चाह रहे हैं कि यह केंद्र पुनः पूर्व की तरह किसानों का मार्गदर्शन करे।उन्होंने जिला प्रशासन से इस केंद्र को पुनर्वहाल करने के लिये सहयोग का आग्रह किया।
उपायुक्त ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया तथा कहा कि नुक़सान का मामला प्रदेश सरकार से भी भेजेंगे। उन्होंने परिसर में एकत्रित रेत के निपटान के लिए जिला खनन अधिकारी को मौके पर निरक्षण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक भी उपस्थित थे।
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