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हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट, चंद्रताल में फंसे 300 लोगों के रेस्क्यू को पहुंची टीम।





13 जुलाई

Alert of heavy rains in Himachal, the team reached the rescue of 300 people trapped in Chandratal.

हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 15 व 16 जुलाई को मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्री जगत सिंह नेगी और सीपीएस संजय अवस्थी ने देर रात बर्फ से ढके रास्ते को साफ किया। इसके बाद वे चंद्रताल गए।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद भी हालात बदतर नहीं हुए हैं। बिजली-पानी की कमी हजारों गांवों में है। कई जगहों पर मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है। शिमला जिले के रामपुर के निकट नोगली में भूस्खलन से नेशनल हाईवे-5 पर एक कार अनियंत्रित होकर सतलुज नदी में जा गिरी। चार लोग कार में सवार होकर नदी में लापता हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 4:00 बजे हुए भूस्खलन से हाईवे का लगभग 30 मीटर हिस्सा धंस गया था।
चंद्रताल में फंसे ३०० लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू हो गया है। बुधवार को, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बर्फ से लकदक चंद्रताल झील को हवाई सर्वेक्षण किया। lचंद्रताल में 300 लोग फंसे हुए हैं। ताकि लोगों को जल्द ही सुरक्षित निकाला जा सके, बचाव दल आज शाम तक चंद्रताल पहुंचने का लक्ष्य रखा है। 


बुधवार दोपहर को किन्नौर जिले के सांगला बाजार में भारी बारिश से भारी मलबा हुआ। इससे बड़े नुकसान की आशंका है। बताया जा रहा है कि भारी बारिश ने सांगला बाजार में अचानक बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए और ऊपर की तरफ से बहुत सारा मलबा पहुंच गया। कई कार भी मलबे में दब गईं। क्षेत्र में विद्युत और संचार सेवाओं की कमी के कारण लोग एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
बुधवार सुबह 10:00 बजे तक प्रदेश में भूस्खलन से 873 सड़कें बंद हो गईं। इनमें से शिमला में सबसे अधिक 350 सड़कें यातायात के लिए ठप हैं, मंडी 100, सिरमौर 109, सोलन 83, लाहौल-स्पीति 97, चंबा 78 और किन्नौर में 36 सड़कें हैं। बरसात से राज्य में 1956 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। चंबा में 129, किन्नौर 128, लाहौल-स्पीति 206, मंडी 156, शिमला 380, सिरमौर 328 और सोलन में 619 विद्युत ट्रांसफार्मर ठप हैं।
शिमला की भट्टाकुफर फल मंडी को भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बंद करने के बाद, अब पराला फल मंडी जाने वाली मुख्य सड़क भी डंगा गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई है। देर रात सैंज पेट्रोल पंप के पास हुए भूस्खलन ने वाहनों की आवाजाही को ठप कर दिया। भट्टाकुफर फल मंडी, शिमला में भूस्खलन हुआ है। मंडी को इससे बहुत नुकसान हुआ है। भूस्खलन ने एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त की है।
 हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 15 व 16 जुलाई को मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 18 जुलाई तक राज्य में बारिश जारी रह सकती है। आज शिमला की राजधानी में हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए हुए हैं। धौलाकुआं में 144.5 मिलीमीटर, रेणुकाजी में 87.0, रिकांगपिओ में 42 और कोटखाई में 30.1 मिलीमीटर बारिश हुई है।

हिमाचल सरकार में मंत्री जगत सिंह नेगी और सीपीएस संजय अवस्थी आज चंद्रताल में फंसे 300 लोगों का उद्धार करेंगे. देर रात बर्फ से ढके रास्ते को 18 घंटे की कठिन लड़ाई के बाद साफ किया गया। इसके बाद वे चंद्रताल गए। मुख्यमंत्री को जगत सिंह नेगी ने सेटेलाइट फोन से सूचित किया है। चंद्र ताल में फंसे लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। अब कोई चिंता की बात नहीं है। चंद्रताल जाने से भी भारतीय सेना ने इनकार कर दिया था।


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