धर्मशाला स्थित शहीद स्मारक और युद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण तथा निर्माण कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाएगा। शहीद स्मारक और युद्व संग्रहालय के जीर्णोद्धार को लेकर विभिन्न विभागों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने यह बात कही। युद्ध संग्रहालय धर्मशाला में आयोजित इस बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, वन विभाग के साथ सैनिक वेल्फेयर तथा शहीद स्मारक कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी कांगड़ा ने सभी हितधारकों को स्मारक के जीर्णोद्धार के लिए सभी औपचारिकताएं जल्द पूर्ण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
55 लाख की लागत से हो रहा शहीद स्मारक का जीर्णोद्धार
उन्होंने बताया कि लगभग 55 लाख रुपये की लागत से शहीद स्मारक के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। जिसमें प्रथम चरण में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से कार्य पूर्ण होने वाला है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही दूसरे चरण में बाकि का कार्य भी तेज गति से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक के सौंदर्यीकरण के लिए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए जिला प्रशासन सदैव उपलब्ध रहेगा।
सेना के शौर्य और बलिदान को प्रदर्शित करता है युद्ध संग्रहालय
उन्होंने बताया कि शहीद स्मारक के साथ लगता युद्व संग्रहालय सेना के शौर्य और बलिदान को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि इसमें भी सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि युद्ध संग्रहालय में आने वाले लोगों को सेना के शौर्य और युद्ध इतिहास से जुड़ी कर जानकारी मुहैया करवाने के लिए सुविधाएं प्रदान की गई हैं। जिनमें सेना के युद्धों और संघर्षों के साथ ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी चीजों के संग्रह, संरक्षण, व्याख्या और सैन्य साजोसामान की प्रदर्शनी की गई है।
उन्होंने बताया कि यहां अलग-अलग घटनाओं और युद्धों के बारे में ऑडियो-वीडियो के माध्यम से भी हिन्दी और अंग्रेजी भाषा में बताया जा रहा है। जिससे यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ एक सेना के शौर्य का जीवंत अनुभव लेकर जाए। उपायुक्त ने कहा कि धर्मशाला में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। उनके साथ-साथ स्थानीय लोग भी युद्ध संग्रहालय के माध्यम से सेना के योगदान को जान सकें, इसके लिए भी प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने इस हेतु संचालकों को रविवार और छुट्टी के दिनों में युद्ध संग्रहालय खुला रखने के साथ इसके समय को शाम 6 बजे तक बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि युद्ध संग्रहालय में सेना और युद्धों से संबंधित बहुत से उपकरण रखे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसे और आभूषित करने की दृष्टि से आने वाले समय में यहां युद्ध मे उपयोग होने वाले प्राचीन हथियार भी रखे जाएंगे।
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