हिमाचल किसान सभा की राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर की अध्यक्षता में राज्य कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में देशव्यापी किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आन्दोलन विकसित करते हुए प्रदेश के प्रमुख मुद्दों - भूमि, सेब व अन्य फल, सब्जियां, अनाज, दूध, सार्वजनिक सेवाएं, मनरेगा आदि से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई तथा चिन्हित फसलों पर आधारित अलग -अलग प्रकार के संगठनों का निर्माण किया जाएगा। इसमें से सेब उत्पादक संघ, दुग्ध उत्पादक संघ तथा टमाटर एवं अन्य सब्जी उत्पादक संघ का गठन किया जा चुका है। साथ ही प्रदेश में जनवरी से अप्रैल तक गांव व पंचायत स्तर पर किसान सभा की सदस्यता करते हुए कमेटियों का गठन किया जाएगा। 29 जनवरी 2023 को सदस्यता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिसमें गांव से प्रदेश स्तर के तमाम नेतृत्वकारी सदस्य हिस्सा लेंगे।
किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. तंवर ने जानकारी दी कि हाल ही में केरल के त्रीचूर में सम्पन्न हुए अखिल भारतीय किसान सभा के 35वें राष्ट्रीय महासम्मेलन से ऊर्जा लेकर लौटे किसान सभा के नेतृत्व ने जिलों एवं खण्ड स्तर पर कमेटियों की बैठकें करने का निर्णय लिया तथा 19 नवम्बर 2021 को प्रधानमंत्री नरेेन्द्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को 6 शर्तों (न्युनतम समर्थन मूल्य को लेकर, बिजली अधिनियम को वापस लेने, झूठे केस वापस लेने, शहीद हुए किसानों को मुआवजा, लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों पर कार्यवाही आदि) के साथ वापस लेने के बाद एक साल बीत जाने के बाद भी किसानों से वादाखिलाफी की गई। इस संदर्भ में ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने पुनः ज्यादा बड़ी ताकत से किसान आन्दोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। 5 अप्रैल को किसान-मजदूर एकता को कायम करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय किसान सभा, सी.आई.टी.यू. तथा अखिल भाारतीय खेत मजदूर युनियन ने मिलकर पांच लाख लोगों को दिल्ली में जुटाने का निर्णय लिया। इसमें प्रदेश से भी हजारों की तादाद में किसान-मजदूर भाग लेंगे।
किसान सभा के राज्य महासचिव होतम सौंखला ने बताया कि इस सम्बंध में विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए 8 जनवरी 2023 को मण्डी में हिमाचल किसान सभा तथा सी.आई.टी.यू. का संयुक्त अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। इसी के साथ ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के राष्ट्रीय आहवान पर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभर में ट्रैक्टर रैलियां निकाली जाएंगी। हिमाचल में भी सिरमौर में पांवटा, ऊना तथा कांगड़ा में इंदौरा में ट्रैक्टर रैलियों का आयोजन किया जाएगा। महासचिव ने बताया कि किसान सभा तथ सेब उत्पादक संघ मिलकर 10 जनवरी को खण्ड स्तर पर खाद के मुद्दे पर ज्ञापन दिए जाएंगे। इन निर्णयों को लागू करने के लिए 20 जनवरी से पहले सभी जिलों में बैठकें की जाएंगी जिनमें राज्य के नेतृत्वकारी सदस्य भाग लेंगे।
प्रदेश की आर्थिकी का अहम हिस्सा होने के बावजूद सेब की खेती पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए किसान सभा ने संयुक्त किसान मंच के साथ मिलकर व्यापक आन्दोलन विकसित किए जाएंगे। सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर ने बताया कि किसान सभा ने इस सम्बंध में जम्मू कश्मीर, हिमाचल एवं उत्तराखंड राज्यों की एक फेडरेशन भी गठित की है जो आगामी 6 मार्च को सैंकड़ों बागवानों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर के समक्ष प्रदर्शन करेंगे तथा सेब के संकट को केन्द्र सरकार के समक्ष उठाएगी।
बैठक में किसान सभा के पूर्व महासचिव राकेश सिंघा व डॉ. ओंकार शाद सहित सभी राज्य कमेटी सदस्यों ने भाग लिया।
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