शिमला नागरिक सभा की टूटू इकाई का एक प्रतिनिधिमण्डल एचआरटीसी टैक्सियों व टेम्पो ट्रेवलर के किराए में की गई भारी बढ़ोतरी, शिवनगर से सीटीओ तक एक और टेम्पो ट्रेवलर लगाने तथा सुबह सात बजे दिव्यनगर से शिमला तक एचआरटीसी बस लगाने आदि मुद्दों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार से मिला व उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रबंध निदेशक ने उन्हें आश्वासन दिया कि किराया बढ़ोतरी को तर्कसंगत किया जाएगा। उन्होंने टूटू से एक और HRTC टेम्पो ट्रेवलर लगाने व दिव्यनगर से शिमला के लिए HRTC बस लगाने पर सहमति व्यक्त की। प्रतिनिधिमण्डल में विजेंद्र मेहरा,हेमराज चौधरी,कुंदन शर्मा,रंजीव कुठियाला , बालक राम,बाबू राम,रामप्रकाश,संगीता ठाकुर,विरेन्द्र नेगी,राकेश कुमार,दर्शन लाल,बसन्त सिंह,नरेश कुमार व राजन खाची आदि मौजूद रहे।
नागरिक सभा सह संयोजक विजेंद्र मेहरा,सचिव हेमराज चौधरी व सदस्य कुंदन शर्मा ने एचआरटीसी टैक्सियों व टेम्पो ट्रेवलर की भारी किराया वृद्धि को जनता की जेबों पर डाका डालने वाला कदम करार दिया है। उन्होंने एचआरटीसी प्रबंधन को चेताया है कि अगर तुरन्त किराया बढ़ोतरी को वापिस न लिया गया तो जोरदार आंदोलन होगा। उन्होंने एचआरटीसी प्रबंधन पर लूट व तानाशाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि पूरे शिमला शहर में एचआरटीसी टेम्पो ट्रेवलर व टैक्सियों के किराए में भारी वृद्धि कर दी गई है। यह किराया वृद्धि 67 प्रतिशत से भी ज़्यादा है। विजयनगर व शिवनगर में इस सेवा का किराया भी 30 से बढ़ाकर 50 कर दिया गया है तथा टूटू से 40 रुपये किराया वसूला जा रहा है जोकि किसी भी रूप में मान्य नहीं है। इसी तरह शिमला शहर के अलग - अलग क्षेत्रों में इस सेवा में भारी किराया वृद्धि की गई है। जिसमें सीटीओ से अनाडेल व चुंगीखाना का किराया बढ़ाकर 40 रुपये करना भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस किराया वृद्धि से जहां एक ओर यात्रियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा वहीं दूसरी ओर किराया वृद्धि से इस सेवा का संचालन बुरी तरह प्रभावित होगा क्योंकि भारी किराया वृद्धि से आम जनता इन टेम्पो ट्रेवलर में सवारी नहीं करेगी। कम सवारियों के कारण अंततः यह सरकारी सेवा बन्द करनी पड़ेगी। जिससे बुजुर्गों,महिलाओं व बच्चों सहित आम जनता को भारी नुकसान होगा। इस तरह इस सेवा के एक बार फिर निजी क्षेत्र में जाने का दरवाजा खुल जाएगा व जनता का आर्थिक शोषण और तेज हो जाएगा। उन्होंने कहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में पेट्रोल, डीजल की कीमतें कम हुई हैं तो फिर किस तर्क पर यह किराया वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि यह सेवा एचआरटीसी को मुनाफा दे रही है तो फिर इस भारी किराया वृद्धि के पीछे क्या तर्क है। कहीं यह एचआरटीसी सेवा को जान बूझकर फ्लॉप करने की सुनियोजित साज़िश तो नहीं है। हाल फिलहाल के वर्षों में देश के किसी भी राज्य के अंदर सरकारी परिवहन सेवाओं के किराए में इतनी भारी वृद्धि नहीं की गई है। इस सेवा का ज़ायज़ किराया होने पर लोग सीटिंग कैपेसिटी से भी डबल संख्या में टेम्पो ट्रेवलर में सफर करते हैं। किराए में 67 प्रतिशत से ज़्यादा वृद्धि होने पर सवारियों की संख्या गिरना तय है क्योंकि शिमला शहर की कामकाजी जनता के पास इतने आर्थिक साधन नहीं हैं। इसलिए एचआरटीसी प्रबंधन को यह किराया वृद्धि तुरन्त वापिस लेनी होगी अन्यथा शिमला नागरिक सभा जनता को लामबंद करके सड़कों पर उतरेगी व जोरदार आंदोलन करेगी।
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