निथर,17 दिसम्बर।
डी० पी०रावत।
अखण्ड भारत दर्पण (ABD)न्यूज़
हिमाचल प्रदेश के ज़िला कुल्लू की उप तहसील निथर की कोठी हिमरी फाटी प्लेही तथा विकास खण्ड आनी की ग्राम पंचायत प्लेही में कथित तौर पर करोड़ों रूपये के घोटालों की विभागीय जांच गोथना गांव में शुरू हुई।
ABD News की टीम RTI एक्टिविस्ट मनमोहन सिंह,नरेश और राजपाल के साथ एक बजे पहुंची। जबकि एक कनिष्ठ अभियंता,दो तकनीकी सहायकों की विभागीय टीम तथा प्रधान सुषमा देवी और अन्य व्यक्तियों सहित लगभग दोपहर क़रीब साढ़े तीन बजे जांच स्थल पर पहुंचे।
ABD News की टीम ने फेसबुक लाइव में उक्त प्रधान से "जांजनू कोहड़ू पेयजल योजना गोथना " को जमीन पर दिखाने का आग्रह किया। प्रधान ने बताया कि इस कार्य में शुभम नाम का युवक मेट था। उसके बाद उक्त मेट के साथ पूरी टीम पेय जल योजना के स्रोत( source) जाजर खड्ड की ओर रवाना हुई।
चलते चलते खड्ड में पहले रबड़ पाइप का एक टुकड़ा खुले में पड़ा हुआ मिला। जबकि दूसरे टुकड़े का एक सिरा जमींदोज़ तथा दूसरा सिरा खुली ज़मीन पर पड़ा था। ये दोनों टुकड़े किसी पाइप लाइन बिछाने की पुष्टि के लिए अपर्याप्त थे। नाले में और आगे चलने पर जहां लैंड स्लाइड हुआ था दो टुकड़े और मिले,जिनका एक - एक सिरा जमींदोज़ तथा दूसरा सिरा खड्ड में पानी के बीच पड़ा था।
ये दोनों पाइप के टुकड़े किसी पाइप लाइन बिछे होने की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त थे।
ग़ौरतलब है कि कागज़ों में उक्त स्कीम में दो लाख रूपये खर्च हुए हैं।
स्थानीय युवक प्रकाश ने लाइव स्ट्रीमिंग में मोबाइल बातचीत में ABD न्यूज़ को बताया कि पाइप लाइन बिछाई गई थी ।
जबकि कुछ स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर ABD न्यूज़ को बताया स्रोत(source) से गंतव्य (destination) तक रबड़ पाइप लाइन बिछाई गई थी ।
जांच अधिकारी कनिष्ठ अभियंता चेत राम ने लाइव स्ट्रीमिंग में बताया कि वे इस बात से संतुष्ट हैं कि वहां पाइप लाइन बिछाई गई थी।
जबकि कुछ अन्य लोगों ने कैमरे पर न आने की शर्त पर बताया कि पाइप लाइन बिछाई गई है जो कुछ समय बाद चोरी हुई और नाले में पाइप लाइन भू स्खलन और बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गई।
कुछ लोगों ने बताया कि पाइप लाइन बिछाई तो बिछाई मगर पानी एक दिन भी नहीं आया। ये सारा धन की बरबादी हुई।
आर टी आई एक्टिविस्ट मनमोहन सिंह और राजपाल ने दावा किया कि पाइप लाइन बिछाई ही नहीं गई थी और ये जो पाइप के टुकड़े मिले हैं या तो ये जल शक्ति विभाग की लाइन के हैं या 2010 में स्थानीय व्यक्ति प्रदीप की निजी पाइप लाइन के हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने दावा किया है कि इस नाले से कई लोगों ने कई निज़ी पाइप लाइन बिछाई हैं। यहां तक कि इस खड्ड से सतलुज पार बिथल के लिए चौहान एंटरप्राइजेज के लिए भी एक लाइन बिछाई है।
इसके अलावा RTI एक्टिविस्ट राजपाल ने दावा किया है कि उन्होंने इसी नाले से बरसों पहले निज़ी पाइप लाइन बिछाई हैं। जो सुचारू है,वो आजतक क्षतिग्रस्त क्यों नहीं हुई? क्या सिर्फ़ एक साल पहले पंचायत द्वारा बिछाई गई पाइप लाइन ही चोरी हुई तथा क्षतिग्रस्त हुई?
उन्होंने दावा किया है कि इस पेय जल योजना के कार्यान्वयन में स्थानीय लेबर की अनदेखी कर, शिमला ज़िला के बड़ा गांव, निरमण्ड ब्लॉक तथा आसपास की अन्य पंचायतों से काम पर लाई गई।
RTI एक्टिविस्ट मनमोहन सिंह ने दावा किया है कि इस पेयजल योजना के मस्टररोल में कई विसंगतियां हैं जैसे कार्यकताओं के पिता का नाम,आयु कॉलम भरे नहीं गए हैं और मस्टररोल बिना क्लोजिंग के पास किया गया है।
सनद रहे कि बंजार क्षेत्र से संबंधित एक बुजुर्ग बकरीपालक ने लाइव स्ट्रीमिंग में कहा कि वे उपरोक्त खड्ड/ नाले में पिछले दो वर्षों से बकरियां चरा रहे हैं उन्होंने किसी भी व्यक्ति को कभी काम करते हुए नहीं देखा।
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