जांच की मांग रख कर खबर लगाने वाले पत्रकारों पर मान हानि का नोटिस
सरकार के व्यवस्था परिवर्तन की दिखाई देने लगी साफ तस्वीरें
चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर लगातार हो रहा कुठाराघात
नायब तहसीलदार के रिस्तेदार बताए जा रहे सरकार के खासमखास
मुख्यमंत्री के भी बताए जा रहे हैं करीबी
मामले को दबाने तथा पत्रकारों को डराने का किया जा रहा कार्य
नूरपुर में पत्रकारों द्वारा स्थानीय प्रशासन के घोटालों का पर्दाफाश करने के बाद मीडिया कर्मीयों को प्रताडित करने का मामला प्रकाश में आया है। पत्रकारों का कसूर मात्र इतना था की उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारी द्वारा गलत कार्य करने के मामले को ऊजागर किया था। विभाग के आला अधिकारियों ने उस पर जांच तो क्या बिठानी उल्टे पत्रकारों को मानहानि का नोटिस देकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण की निंदा करते हुए भारत के सबसे बडे पत्रकार संगठन नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्टस (इंडिया ) ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूरे मामले की विजीलैंस जांच की जानी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का हो जाए। एनयूजे (इंडिया ) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रणेश राणा, राष्ट्रीय सदस्य जोगिंद्र देव आर्य, महामंत्री डॉ रुप किशोर, उपाध्यक्ष सुमित शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, रितेश चौहान, अंकुश सूद व जिला ऊना प्रधान पंकज कतना ने कहा कि नूरपुर में प्रशासन व जनप्रतिनिधि भ्रष्ट अधिकारियों की लीपा पोती में कोई कसर छोडते नजर नहीं आ रहे हैं ।जानकारी देते हुए बता दें कि नूरपुर की जनता की आवाज पर मीडिया के पत्रकारों ने नूरपुर के राजस्व विभाग के अधिकारी द्वारा की गई गलत तरीके से रजिस्ट्री होने तथा इंतकाल की आरटीआई ली तथा प्रशासन और सरकार से उक्त अधिकारी की जांच की मांग रखी । मीडिया द्वारा प्रदेश सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के अलावा डीसी कांगड़ा को भी ज्ञापन सौंप कर उक्त अधिकारी की समिति गठित कर जांच की मांग रखी!लेकिन बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग के अधिकारी का रिश्तेदार जोकि प्रदेश सरकार में भी विशेष पहचान रखते हैं द्वारा अधिकारी की कारगुजारियों पर पर्दा डाल कर सरकार में ऊंची पहुंच के चलते अधिकारी को साफ बचाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं और हद तो तब हो गई जब जांच की मांग उठने वाले मीडिया के पत्रकारों पर ही मानहानि का नोटिस भेज दिया गया।
: वही इस सारे मामले को लेकर नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया की जिला ऊना इकाई ने सारे मामले को लेकर रोष प्रकट किया है । जिला में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस सारे मामले को लेकर विचार विमर्श किया गया। जिसमें सर्वसम्मति सब ने एक स्वर में इस प्रकार पत्रकारों को दबाने के कार्य की निंदा की है। जिला अध्यक्ष पंकज कतना ओर जिला महामंत्री भारत भूषण ने कहा कि लोकतंत्र का चौथे स्तम्भ को अब इस प्रकार से मान हानि का नोटिस भेज कर डराया जाना ये कहा तक उचित है! उन्होने कहा है कि सच्चाई दिखाने पर इस प्रकार की प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। उन्होने इस सारे मामले को लेकर प्रदेश सरकार से भी आग्रह किया है कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी करवाई होनी चाहिए जो सरकारी तंत्र व सरकारी ओहदे का अपने कुछ चुनिन्दा लोगो को लाभ पहुंचाने के लिए अपने ओहदे का दुरुपयोग करते है!इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग में दीपक जसवाल, अशोक कुमार, अश्वनी सैनी, ज्योति स्याल, अंजू बैंस, नीना धीमान, जोगिंदर देव आर्य, दिनेश शर्मा, गुरदेव तक्की, सांदीप शर्मा, राकेश जंघा, पवन शर्मा, अनुज शर्मा, के साथ साथ अन्य पत्रकार साथी मौजूद रहे।
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