News source Jharkhand की खबरें: बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्रवाई की तैयारी में सरकार जल्द ही एक कमेठी बनाएगी
झारखंड हाईकोर्ट ने बाग्लादेशी घुसपैठियों पर उपायुक्तों से रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद साहिबगंज जिला प्रशासन तैयार हो गया है। मामले की जांच करने के लिए उप विकास आयुक्त (अपर समाहर्ता और ईआरओ) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी। बनाने का प्रस्ताव है। इस मामले में जल्द ही आदेश जारी होने और जांच शुरू होने की उम्मीद है।
झारखंड हाईकोर्ट की सख्ती के बाद लंबे समय से जिले में उठ रहा बांग्लादेशी घुसपैठ का मामला इस बार अंजाम तक पहुंच सकता है।
हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में उपायुक्तों से रिपोर्ट मांगे जाने की बात सामने आने के बाद जिला प्रशासन अपनी तैयारी में जुट चुका है। हालांकि, इस संबंध में जिला प्रशासन को सरकार या कोर्ट की ओर से अब तक किसी प्रकार का आदेश-निर्देश नहीं मिला है।
इधर, मामले की जांच के लिए उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का प्रस्ताव है, जिसमें अपर समाहर्ता राज माहेश्वर व ईआरओ (निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी) शामिल होंगे।
राजमहल विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी राजमहल एसडीओ, बरहेट के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी स्वयं अपर समाहर्ता राज महेश्वरम व बोरियो के ईआरओ सदर एसडीओ अंगारनाथ स्वर्णकार हैं। ऐसे में जल्द ही इस संबंध में आदेश निर्गत होने व जांच शुरू होने की उम्मीद है।
चिह्नित बांग्लादेशी घुसपैठिए
1990 के दशक में साहिबगंज में बांग्लादेशी घुसपैठ की बात सामने आयी थी। इसके बाद तत्कालीन उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर मतदाता सूची की गहन छानबीन की गई थी। इस दौरान करीब 16 हजार संदिग्ध लोगों का नाम मतदाता सूची से काटा गया था।
बताया जाता है कि नाम तो काट दिया गया था लेकिन उनपर न तो किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई की गई थी और न ही उन्हें वापस भेजा जा सका है।
इस स्थिति में जिनका नाम कटा था उन्होंने अपना अपना नाम पुन: धीरे धीरे मतदाता सूची में शामिल करा लिया और वह संख्या आज लाखों में पहुंच चुकी है।
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