सैहब सोसाइटी वैलफेयर वर्करज़ यूनियन का सम्मेलन कालीबाड़ी हॉल शिमला में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में सैंकड़ों मजदूरों व सुपरवाइज़रों ने भाग लिया। सम्मेलन में 71 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें जसवंत को अध्यक्ष, ओमप्रकाश गर्ग को महासचिव, नरेश ठाकुर को कोषाध्यक्ष, पाला राम मट्टू को सलाहकार, सुनील, योगेश, भरत, पवन, नरेंद्र, अमित भाटिया, रूपा, पूनम, शारदा, देवी सिंह, सूरत राम को उपाध्यक्ष, नरेंद्र, राकेश, नरेश, राहुल, शिव राम, बूटा राम, विक्रम, दिगम्बर, मनोज, अजित को सचिव चुना गया। सैहब मजदूरों ने सीटू से सम्बद्ध होने का निर्णय लिया है।
सम्मेलन का उद्घाटन सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने किया। सम्मेलन को यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह, महासचिव ओमप्रकाश गर्ग, रमाकांत मिश्रा व बालक राम ने सम्बोधित किया। उन्होंने ऐलान किया कि निकट भविष्य में सैहब मजदूरों व सुपरवाइजरों की मांगों को लेकर संघर्ष तेज होगा। ज़रूरत पड़ी तो मजदूर हड़ताल पर भी उतरेंगे। उन्होंने मांग की है कि सैहब वर्करज़ को नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए। उन्हें 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन, सुप्रीम कोर्ट के सन 1992 के आदेश, सातवें वेतन आयोग की जस्टिस माथुर की सिफारिशों व 26 अक्तूबर 2016 के माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार 26 हज़ार वेतन दिया जाए। उन्हें अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त वेतन दिया जाए। उन्हें कानूनी रूप से 39 छुट्टियां दी जाएं। सैहब में आउटसोर्स में कार्यरत कर्मियों को सैहब के अंतर्गत लाया जाए व उन्हें समय पर वेतन दिया जाए। सैहब कर्मियों को 4- 9 - 14 का लाभ दिया जाए। सभी सैहब सुपरवाइजरों व मजदूरों को सरकार द्वारा घोषित वेतन दिया जाए। सुपरवाइजरों व मजदूरों के लिए पदोन्नति नीति बनाई जाए। उनकी ईपीएफ की बकाया राशि उनके खाते में जमा की जाए। उनसे अतिरिक्त कार्य करवाना बन्द किया जाए। उन्होंने मांग की है कि सैहब एजीएम की बैठक तुरन्त बुलाई जाए व सैहब कर्मियों की मांगों को पूर्ण किया जाए।
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