पंचायत में GST रजिस्टर्ड वेंडर, फिर भी कई सवाल कायम
विकास कार्यों में घोटाले का आरोप गलत: प्रधान गीता भूषण की सफ़ाई
आनी, 21 दिसम्बर 2025
डी० पी० रावत
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़
हिमाचल प्रदेश के ज़िला कुल्लू के विकास खण्ड आनी अंतर्गत ग्राम पंचायत चवाई में कराए जा रहे विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंचायत क्षेत्र के निवासी एवं RTI एक्टिविस्ट राकेश कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद ABD News की टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत ग्राउंड रिपोर्टिंग की, जिसमें काग़ज़ों में दर्शाए गए विकास और ज़मीनी हकीकत के बीच अंतर साफ़ तौर पर सामने आया है।
ABD News की टीम ने किचन शेड निर्माण, धोगी मॉडर्न विलेज के तहत इंटरलॉकिंग टाइल्स, धामनी प्ले ग्राउंड निर्माण, मांझादेश पटवार वृत्त कार्यालय भवन निर्माण तथा पुराने भवन के ध्वस्तीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम पंचायत प्रधान, बीडीसी सदस्य आत्माराम, वार्ड मेंबर्स और अन्य ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे।
ग्राउंड रिपोर्टिंग में यह पाया गया कि पंचायत में कुछ विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि कई कार्य अभी निर्माणाधीन हैं। वहीं कुछ कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा और भुगतान प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता का अभाव नजर आया, जिससे आरोपों को पूरी तरह खारिज करना भी मुश्किल दिखा।
RTI एक्टिविस्ट राकेश कुमार का आरोप है कि पंचायत में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में फर्जी बिल, अधूरे कार्यों के बावजूद भुगतान और योजनाओं के लाभ में अनियमितता हुई है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। शिकायत के समर्थन में बिल-बाउचर, अनुमान पत्र (एस्टिमेट) और कार्यस्थल की तस्वीरें भी प्रस्तुत की गई हैं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है।
वहीं ग्राम पंचायत चवाई की प्रधान गीता भूषण ने ABD News से बातचीत में सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि विभागीय प्रक्रियाओं, स्थानीय समस्याओं और अपेक्षित जनसहयोग के अभाव के कारण कुछ कार्यों के निष्पादन में देरी अवश्य हुई है, लेकिन किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या घोटाले का सवाल ही नहीं उठता।
वेंडर मैसर्स महादेव हार्डवेयर स्टोर को लेकर उठे संदेहों पर प्रधान ने स्पष्ट किया कि वेंडर की नियुक्ति सभी वैध दस्तावेजों की जांच के बाद निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत की गई है। वेंडर GST रजिस्टर्ड है और पंचायत को समय पर सामग्री उपलब्ध करवा रहा है। हालांकि ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान केवल एक-दो लोगों ने ही चवाई बाज़ार में उक्त वेंडर की दुकान होने की पुष्टि की, जबकि अधिकांश ग्रामीणों ने इस संबंध में अनभिज्ञता जताई। ऐसे में लाखों-करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़ी फर्म की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इसके साथ ही वर्ष 2023 में खरीदी गई निर्माण सामग्री के वर्ष 2025 तक उपयोग या अनुपयोग को लेकर भी कार्यों की गुणवत्ता और रख-रखाव पर कई प्रश्न खड़े होते हैं।
निष्कर्ष: ABD News की ग्राउंड रिपोर्टिंग यह दर्शाती है कि ग्राम पंचायत चवाई में विकास कार्यों की स्थिति न तो पूरी तरह संतोषजनक कही जा सकती है और न ही सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार ठहराया जा सकता है। कहीं न कहीं प्रक्रियागत खामियां या संभावित गोलमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और पंचायत राज विभाग इस पूरे मामले में कब निष्पक्ष जांच शुरू करता है और सच्चाई सामने लाकर पंचायत स्तर पर पारदर्शिता व जनविश्वास को कैसे बहाल करता है।

