अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
तीर्थन घाटी (गुशेनी–बंजार, परस राम भारती):
कुल्लू जिले की तीर्थन घाटी में आग की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। आज दोपहर ग्राम पंचायत पेखड़ी के पेखड़ी गांव में अचानक लगी आग ने एक बार फिर ग्रामीणों में दहशत फैला दी। इस अग्निकांड में काष्ठकोनी शैली से बनी चार गौशालाएं और दो मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पशुपालकों और प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देवता मैदान के पास बने पढ़ाछे से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। चूंकि गौशालाएं और रिहायशी मकान पास-पास बने थे, आग को फैलने से रोकना चुनौतीपूर्ण हो गया।
पानी की भारी कमी के बावजूद ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से आग को फैलने से रोका। सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। गुशेनी–पेखड़ी सड़क मार्ग केवल छोटे वाहनों के लिए खुला होने के कारण दमकल का छोटा वाहन ही घटनास्थल तक पहुंच सका। समय पर की गई कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां, बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह ग्राम पंचायत पेखड़ी में दूसरी बार आगजनी की घटना है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
इससे पहले भी झनियार गांव में आगजनी की बड़ी घटना हुई थी। लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं से क्षेत्र के लोग गहरी चिंता में हैं और ग्रामीण प्रशासन से प्रभावितों को शीघ्र राहत देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
