
Himachal News: हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा विभाग द्वारा जेबीटी बैचवाइज भर्ती का परिणाम घोषित किया जाए। 1161 सीटों के लिए काउंसलिंग नवंबर 2023 में हुई थी। जिसका परिणाम अभी तक घोषित नहीं कर पा रही है। यह सरकार और शिक्षक विभाग की नाकामी न कहे है तो क्या कहे। हिमाचल प्रदेश में लगभग 10 हजार के आसपास प्राइमरी स्कूल है।
इस समय हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा विभाग में लगभग 4500 जेबीटी अध्यापकों के पद खाली चल रहे हैं। पिछले दो सालों से सरकार इन सीटों को भरने में नाकाम रही है। जेबीटी प्रशिक्षित साथी 15-15 सालों से नौकरी का इंतजार कर रही है। अध्यापको के खाली पद न भरने के कारण सरकारी स्कूलों में लगातार, बच्चों की संख्या घट रही है। इसका एकमात्र कारण अध्यापकों के हजारों पद खाली होना है।
सरकारी स्कूलों में ज्यादातर गरीब लोगों के बच्चे पढ़ते हैं। उनको अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापक तक नसीब नहीं हो रहे हैं। एक समय था जब हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में केरल के बाद प्रथम स्थान पर था। आज की तारीख में शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे गया हुआ है। हिमाचल प्रदेश में बहुत सारे ऐसे प्राथमिक स्कूल है, जो बिना अध्यापक के चल रहे हैं। और बहुत सारे स्कूल ऐसे हैं जहां पर सिंगल अध्यापक है। यह बहुत ही शर्मनाक बात है।
जेबीटी प्रशिक्षुओं का कहना है कि वे 9 महीनाे से बैच वाइज परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। बार-बार शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री,शिक्षा सचिव, प्रारंभिक निर्देशक से मिलने के बाद भी उन्हें आश्वासन ही मिलता रहा। वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हो चुके हैं। वह बार-बार सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि उनका बैचवाइज परिणाम घोषित किया जाए। परंतु उनको सुनने वाला कोई नहीं है। 15-20 सालों से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जेबीटी बैचवाइज परिणाम घोषित करें। ताकि स्कूलों के लिए अध्यापक मिले और बेरोजगार JBT प्रशिक्षकों को रोजगार।
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