डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
आनी ब्लॉक में वर्ष 2025 के दौरान आई आपदाओं से हुए भारी नुकसान के बावजूद पीड़ितों को अब तक न तो पूरा मुआवजा मिल पाया है और न ही सुरक्षा एवं मरम्मत से जुड़े आवश्यक कार्य पूरे हो सके हैं। यह आरोप सीपीआई(एम) लोक कमेटी के सदस्य पदम प्रभाकर ने लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि आनी क्षेत्र में कई मकान पूरी तरह गिर चुके हैं, कई घरों के आगे बने डंगे ध्वस्त हो गए हैं और अनेक मकानों में गंभीर दरारें आ गई हैं। इसके बावजूद अधिकांश प्रभावित परिवारों को आज तक कोई राहत या मुआवजा नहीं मिला है। कई ऐसे गरीब परिवार हैं जिनके मकान गिर चुके हैं, लेकिन उन्हें क्षतिग्रस्त श्रेणी में शामिल नहीं किया गया। वहीं जिन घरों में दरारें हैं और जो गिरने की कगार पर हैं, उन्हें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भी नहीं माना गया है।
पदम प्रभाकर ने कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि मुआवजा वितरित किया जा चुका है, लेकिन जब पीड़ितों से बातचीत की जाती है तो वे किसी भी तरह की राहत मिलने से इनकार करते हैं। उन्होंने बताया कि लैंडस्लाइड से प्रभावित लगभग 90 प्रतिशत घरों के आगे अब तक डंगों का निर्माण नहीं हुआ है, जबकि आने वाले समय में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है, जिससे खतरा और बढ़ सकता है।
उन्होंने प्रशासन और सरकार पर लेटलतीफी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी वजह से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रभावितों की पीड़ा और समस्याओं के प्रति आनी की भाजपा और कांग्रेस केवल दिखावटी राजनीति कर रही हैं।
सीपीआई(एम) लोक कमेटी सदस्य ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी पहले भी आपदा पीड़ितों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि आनी विधानसभा क्षेत्र में सीपीआई(एम) ही हर वर्ग के साथ खड़ी है और जल्द ही आपदा प्रभावितों के मुद्दों को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
