अखण्ड भारत दर्पण (ABD) News

ABD News पर पढ़ें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, प्रदेश और स्थानीय समाचार। राजनीति, शिक्षा, खेल और ताज़ा खबरें।


विज्ञापन

ईरान ने एक दिन में 29 कैदियों को दी फांसी: वैश्विक ध्यान के बीच दमन का नया अध्याय

Iran 29 executions August 2024,Iran 29 inmates executed,Iran hangs 29 prisoners in a day August,Iran 29 inmates executed August,

 ईरान ने एक दिन में 29 कैदियों को दी फांसी: वैश्विक ध्यान के बीच दमन का नया अध्याय  


तेहरान: जब दुनिया भर की नज़रें इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी थीं, उसी दौरान ईरान में एक और भयावह घटना ने मानवाधिकार संगठनों और विश्व समुदाय को चौंका दिया। ईरान ने अपनी राजधानी तेहरान के निकट स्थित दो जेलों में एक ही दिन में 29 कैदियों को फांसी पर चढ़ा दिया। यह घटना न केवल ईरानी प्रशासन के क्रूर चेहरे को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे देश के भीतर असंतोष को दबाने के लिए सरकार अत्यधिक उपायों का सहारा ले रही है।

सामूहिक फांसी की घटना

नॉर्वे स्थित ईरान मानवाधिकार संगठन (HRNGO) के अनुसार, 26 कैदियों को घेज़ेलहेसर जेल में और तीन कैदियों को करज सेंट्रल जेल में फांसी दी गई। HRNGO के डायरेक्टर महमूद अमीरी-मोगाद्दाम ने इस घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक, इजराइल के साथ अपने तनाव पर वैश्विक ध्यान का फायदा उठाकर, देश में कैदियों की सामूहिक हत्या करने और ईरान में दमन को तेज करने में लगा हुआ है।"

कैदियों का प्रोफाइल और आरोप

इन 29 कैदियों पर कौन से आरोप थे, इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में दी जा रही फांसी की सजा अक्सर गंभीर अपराधों के लिए नहीं, बल्कि सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाज़ों को दबाने के लिए होती है। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि सरकार अपने आलोचकों, राजनीतिक विरोधियों, और यहां तक कि अल्पसंख्यक समुदायों को दबाने के लिए इस प्रकार की चरम सजा का उपयोग कर रही है।

मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया

ईरान की इस घटना पर विश्वभर के मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। HRNGO के अलावा, अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस सामूहिक फांसी की निंदा की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे "ईरान की न्याय व्यवस्था की गंभीरता और शासन के प्रति असहमति को दंडित करने की नीति का क्रूर उदाहरण" करार दिया।

वैश्विक ध्यान से बचने की रणनीति

महमूद अमीरी-मोगाद्दाम के बयान से स्पष्ट होता है कि ईरानी प्रशासन ने इस सामूहिक फांसी को उस समय अंजाम दिया जब दुनिया इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव पर केंद्रित थी। यह साफ दिखाता है कि प्रशासन ने जानबूझकर इस समय का चयन किया ताकि इस क्रूरता पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया को कम किया जा सके।

ईरान में बढ़ता दमन

यह घटना केवल एक संकेत है कि ईरान में किस तरह से शासन के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, ईरान में मानवाधिकार हनन के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। राजनीतिक बंदियों, अल्पसंख्यकों, और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ कठोर सजा देने की घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

ईरान की न्याय व्यवस्था की आलोचना

ईरान की न्याय व्यवस्था पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। कई मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि ईरान में ट्रायल अक्सर निष्पक्ष नहीं होते, और कैदियों को अपने बचाव का उचित अवसर नहीं दिया जाता। इसके अलावा, बहुत से मामलों में कैदियों पर आरोप लगाते समय उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाएं  दी जाती हैं। इस संदर्भ में सामूहिक फांसी की घटना ने न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर और भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका

ईरान की इस घटना के बाद, अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ गया है कि वे ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाएं। मानवाधिकार संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आग्रह किया है कि वे ईरान पर दबाव डालें ताकि वह अपनी न्यायिक प्रणाली में सुधार करे और मानवाधिकारों का उल्लंघन रोकने के लिए कदम उठाए।

भविष्य की स्थिति

हालांकि, इस प्रकार की घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि ईरानी प्रशासन अपनी नीतियों और दमनकारी गतिविधियों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में  अंतरराष्ट्रीय समुदाय और ईरान के नागरिक इस घटना पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार हनन

एक दिन में 29 कैदियों को फांसी देने की यह घटना न केवल ईरान के अंदरूनी मामलों का हिस्सा है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार हनन का भी गंभीर उदाहरण है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के इस कदम ने विश्वभर में हंगामा मचा दिया है और यह दर्शाता है कि कैसे एक शासन अपने विरोधियों को दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। ईरान की इस क्रूरता को देखते हुए, यह आवश्यक है कि वैश्विक समुदाय इस पर ठोस कदम उठाए और ईरान के भीतर मानवाधिकारों की रक्षा के लिए ठोस उपाय करे।

Post a Comment