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हिमाचल में ED के छापों से हड़कंप, 99 स्कूलों को तत्काल बंद करने के निर्देश

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 हिमाचल में ED के छापों से हड़कंप, 99 स्कूलों को तत्काल बंद करने के निर्देश

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शिमला (ब्यूरो): प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिमाचल प्रदेश के 4 जिलों कांगड़ा, ऊना, मंडी और कुल्लू में दबिश से हड़कंप मच गया है। कांगड़ा जिला में दबिश कांग्रेस नेताओं के ठिकानों पर की गई है। ईडी ने नगरोटा बगवां के कांग्रेस विधायक आरएस बाली और देहरा से कांग्रेस प्रत्याशी एवं प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा के घर पर दबिश दी है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों के पुनर्गठन और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इस संदर्भ में सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर दी है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों के अनुसार, राज्य में शून्य विद्यार्थी संख्या वाले 99 स्कूलों को तुरंत बंद करने का निर्देश जारी किया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिमाचल प्रदेश के 4 जिलों कांगड़ा, ऊना, मंडी और कुल्लू में दबिश से हड़कंप मच गया है। कांगड़ा जिला में दबिश कांग्रेस नेताओं के ठिकानों पर की गई है। ईडी ने नगरोटा बगवां के कांग्रेस विधायक आरएस बाली और देहरा से कांग्रेस प्रत्याशी एवं प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा के घर पर दबिश दी है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों के पुनर्गठन और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इस संदर्भ में सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर दी है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों के अनुसार, राज्य में शून्य विद्यार्थी संख्या वाले 99 स्कूलों को तुरंत बंद करने का निर्देश जारी किया गया है। इनमें 89 प्राथमिक और 10 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं।

स्कूलों का मर्जर और समायोजन: राज्य में पांच या उससे कम विद्यार्थी संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों को उनके दो किलोमीटर के दायरे में स्थित दूसरे प्राथमिक या माध्यमिक स्कूल में मर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पांच से अधिक विद्यार्थी हों। इसी प्रकार, पांच या उससे कम विद्यार्थी संख्या वाले माध्यमिक स्कूलों को उनके तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित किसी दूसरे माध्यमिक स्कूल में मर्ज किया जाएगा जहां पांच से अधिक विद्यार्थी हों।

अध्यापकों के नहीं होंगे तबादले: प्रदेश में अब सभी अध्यापकों के तबादले वर्ष में केवल एक बार, शैक्षणिक सत्र के समापन पर ही किए जाएंगे। 31 जुलाई, 2024 के बाद शैक्षणिक सत्र में किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं होगा। शिक्षा विभाग में जेबीटी और एचटी का तबादला आपस में किया जाएगा, बशर्ते हर जीपीएस में एक ही एचटी कार्यरत रहेगा और एचटी भी अध्यापन कार्य करेंगे।

अध्यापकों का समायोजन: बंद या मर्ज किए गए स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को नजदीक के स्कूलों या अधिक विद्यार्थी संख्या वाले अन्य स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद भी अगर शिक्षक उपलब्ध होंगे, तो उनका एक पूल बनाया जाएगा और आवश्यकता अनुसार उन्हें स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। कम बच्चों वाले स्कूलों में शिक्षक और बच्चों की संख्या के अनुपात को सुधारने के लिए भी समायोजन किया जाएगा।

मुख्याध्यापक और प्रिंसिपल भी पढ़ाएंगे: विद्यालयों में कार्यरत मुख्याध्यापक और प्रिंसिपल अब अपने प्रशासनिक कार्यों के अलावा कम से कम एक कक्षा में अपने विषय को पढ़ाएंगे। प्राथमिक स्कूलों के केंद्रीय मुख्य शिक्षक और मुख्य शिक्षक भी जेबीटी के समकक्ष ही अध्यापन कार्य करेंगे। इस अध्यापन कार्य को उनकी एसीआर में भी अंकित किया जाएगा।

शारीरिक व्यायाम और खेल गतिविधियाँ: प्रदेश के सभी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा में बच्चों के लिए शारीरिक व्यायाम अनिवार्य होगा, जिसके लिए कम से कम 15 मिनट का समय निर्धारित किया जाएगा। शारीरिक शिक्षक इस कार्य की जिम्मेदारी निभाएंगे। जिन स्कूलों में शारीरिक शिक्षक नहीं हैं, वहां अन्य अध्यापक यह कार्य करेंगे। प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान और अन्य प्रेरणादायक गाने भी गाए जाएंगे। प्रत्येक स्कूल में प्रतिदिन खेल और शारीरिक प्रशिक्षण का एक पीरियड होगा। स्कूलों में सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

अचल संपत्तियों का उपयोग: बंद किए गए या समाहित किए गए स्कूलों की अचल संपत्तियों और संसाधनों को किसी अन्य संस्था या विभाग को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। इन संसाधनों का उपयोग शिक्षा विभाग की अनुमति और संबंधित स्थानीय निकायों की सहमति से सामुदायिक पुस्तकालयों, व्यायामशालाओं और खेलकूद गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा।

आवासीय विद्यालयों की संभावना: जिला लाहौल एवं स्पीति में 121 और जिला किन्नौर में 29 प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की संख्या पांच या उससे कम है। ऐसी स्थिति में आवासीय विद्यालयों की संभावना पर विचार किया जाएगा। यह पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लाहौल एवं स्पीति और किन्नौर जिलों में शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर लड़के और लड़कियों के अलग-अलग स्कूलों को एक ही स्कूल में मर्ज करके सह-शिक्षा स्कूल के रूप में चलाया जाएगा ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

मानक संचालन प्रक्रिया: सभी निर्णयों को लागू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी। सचिव शिक्षा ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को इन निर्णयों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों के पुनर्गठन और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इस संदर्भ में सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर दी है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों के अनुसार, राज्य में शून्य विद्यार्थी संख्या वाले 99 स्कूलों को तुरंत बंद करने का निर्देश जारी किया गया है।

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