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दूध भुगतान में देरी के विरोध में 19 जनवरी को “शिमला चलो” का ऐलान

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 डी पी रावत 

अखण्ड भारत दर्पण न्यूज 

दुग्ध उत्पादक संघ आनी की बैठक में उठी किसानों की ज्वलंत समस्याएं

आनी (कुल्लू), 30 जनवरी।

दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान न मिलने, बुनियादी सुविधाओं की कमी और पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर दुग्ध उत्पादक संघ आनी की एक महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 19 जनवरी को “शिमला चलो” आंदोलन किया जाएगा।


बैठक में वक्ताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या दूध की पेमैंट में महीनों की देरी है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। कई किसान दूध बेचने के बाद भी समय पर भुगतान न मिलने से कर्ज़ में डूबने को मजबूर हैं।

भंडारण और परिवहन बना बड़ी चुनौती

बैठक में बताया गया कि आनी क्षेत्र सहित पहाड़ी इलाकों में चिलिंग प्लांट और बल्क मिल्क कूलर (BMC) की क्षमता बेहद कम है। अधिक उत्पादन की स्थिति में दूध खराब हो जाता है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। परिवहन के दौरान भी पहाड़ी रास्तों और धूप के कारण दूध खराब होने का खतरा बना रहता है।

गुणवत्ता और मिलावट पर चिंता

दूध की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि जांच और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था न होने से न केवल किसानों की साख प्रभावित होती है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी शुद्ध दूध नहीं मिल पा रहा है।

पशु चिकित्सा सेवाओं की कमी

बैठक में पशु चिकित्सा सेवाओं की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पशु अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में स्टाफ की कमी के कारण पशुओं को समय पर टीकाकरण और उपचार नहीं मिल पाता, जिससे दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

सरकारी योजनाओं पर चर्चा

बैठक में सरकार द्वारा लागू दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और हिम गंगा योजना पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हों। महिलाओं को डेयरी क्षेत्र में संगठित कर संघर्ष से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

महिलाओं के संगठित होने की अपील

दुग्ध उत्पादक संघ के प्रधान हरविंदर और सचिव विजय कुमार ने कहा कि जब तक महिलाएं संगठित होकर संघर्ष में नहीं उतरेंगी, तब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने सभी दुग्ध उत्पादकों से संघ की सदस्यता लेने की अपील की।

ये रहे मौजूद

बैठक में किसान सभा सचिव गीताराम, पद्म प्रभाकर, हेमराज, राजेन्द्र, ओमी, कमल, चेतराम दुनी, सुरज सहित कई दुग्ध उत्पादक व किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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