डी पी रावत।
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज।
राजधानी शिमला के बसंतपुर वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिकों को एक्सपायरी और कीड़े लगा भोजन परोसे जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यह खुलासा उस समय हुआ जब राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. कत्याल ने आश्रम का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निवासरत वृद्धजनों से भोजन की गुणवत्ता और रहन-सहन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसी दौरान उन्होंने स्टोर में रखे खाद्य पदार्थों की जांच की, जिसमें पाया गया कि आटे में घुन मौजूद था, जबकि चावल और चना दाल एक्सपायरी व पुराने मिले।
राशन खपत से ज्यादा, दान का बड़ा हिस्सा हो रहा खराब
डॉ. कत्याल ने बताया कि वृद्धाश्रम में लोगों द्वारा रोजाना राशन दान किया जा रहा है, जिससे खपत से अधिक खाद्य सामग्री जमा हो रही है और उसका बड़ा हिस्सा खराब हो रहा है। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राशन समय पर उपयोग हो सके।
साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार से ऑडिट कराने का आग्रह किया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि कितना राशन डोनेट हो रहा है और उसकी वास्तविक खपत कितनी है।
पेयजल, स्वास्थ्य रिपोर्ट और साफ-सफाई पर भी दिए निर्देश
खाद्य आयोग अध्यक्ष ने कर्मचारियों को पेयजल की उपलब्धता और उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही आश्रम में तैनात चिकित्सक को वृद्धजनों के स्वास्थ्य और कल्याण पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आश्रम के निवासियों की रहन-सहन की स्थिति पर संतोष जताया, लेकिन खाद्य प्रबंधन को सुधारने की आवश्यकता बताई।
निरीक्षण के दौरान डॉ. कत्याल ने बसंतपुर, बगैण, धरस्थाई और घरयाणा के आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने सुन्नी स्थित सीडीपीओ कार्यालय का दौरा भी किया।
उचित मूल्य की दुकान में पाई अनियमितताएं, विक्रेता को दिए कड़े निर्देश
डॉ. कत्याल ने सुन्नी तहसील सरकारी समिति द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकान का भी निरीक्षण किया, जिसमें कई कमियां सामने आईं।
उन्होंने विक्रेता को दुकान पर सूचना पट्ट लगाने, साथ ही एक कम्प्लेंट-कम-लॉग बुक बनाने के निर्देश दिए, ताकि शिकायतों को सही ढंग से दर्ज किया जा सके और संबंधित अधिकारी समय पर उनकी समीक्षा कर समाधान कर सकें।
