अखंड भारत दर्पण (ABD) न्यूज पंजाब/जालंधर (कमल जीत शीमार ऑनलाइन डेस्क ब्यूरो (ABD) न्यूज) : श्री गुरु रविदास धर्म अस्थान मैनेजमेंट नीवी आबादी संतोखपुरा जालंधर द्वारा श्री गुरु रविदास धर्म अस्थान नीवी आबादी संतोखपुरा में आज शहीदी दिवस शहीद बाबा संगत सिंह जी की याद में शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया और दीवान सजाए गए।
गुरु घर में गुरुवाणी कीर्तन के दौरान ग्रंथि ज्ञानी सुरिंदर सिंह द्वारा बताया गया कि शहीद बाबा संगत सिंह जी का जन्म पटना साहिब में दशम पिता साहिब श्री गुरु गोविंद जी से 04 महीने बाद 25 अप्रैल 1667 को हुआ था। बाबा संगत सिंह जी शांति और युद्ध के दौरान गुरु गोविंद सिंह के साथ रहे। इस दौरान युद्ध में वह श्री गुरु गोविंद सिंह की सेवा में थे।
गुरु घर में गुरुवाणी कीर्तन के दौरान ग्रंथि ज्ञानी सुरिंदर सिंह द्वारा बताया गया कि 1704 में चमकौर की गढ़ी छोड़ने के बाद उन्होंने बाबा संगत सिंह जी को अपनी पोशाक और कलगी धारण करायी थी। उन्होंने बताया कि चमकौर की गढ़ी में दुश्मन की सेना से युद्ध के दौरान बाबा संगत सिंह शहीद हो गए, लेकिन उन्हें इतिहास में कोई उचित स्थान नहीं दिया गया।
बाबा की समाधि स्थल पर होती है पूजा
गुरु घर में गुरुवाणी कीर्तन के दौरान ग्रंथि ज्ञानी सुरिंदर सिंह द्वारा बताया गया कि बाबा संगत सिंह जी चमकौर की गढ़ी में शहीद हुए थे। उनका अंतिम संस्कार स्थल आनंदपुर साहिब के पास रोपड़ जिले की तहसील नूरपुर वेदी में उनके पैतृक गांव कट्टा में है। उन्होंने बताया कि वहां के लोग उन्हें पूजते हैं और समाधि स्थल के पास समाधि लगाते हैं।
इस शुभ अवसर पर श्री गुरु रविदास धर्म अस्थान मैनेजमेंट नीवी आबादी संतोखपुरा और मोहल्ला निवासी भारी संख्या में मौजूद थे।