ग्रामीणों व दमकल टीम की तत्परता से टला बड़ा हादसा**
गुशेनी (बंजार) | परस राम भारती
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी में आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार सायंकाल तीर्थन घाटी अंतर्गत ग्राम पंचायत पेखड़ी के गांव पेखड़ी में अचानक आग लगने से काष्ठकुणी शैली से बनी चार गौशालाएं पूरी तरह जलकर राख हो गईं। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई, वहीं पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब सात बजे आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। पानी की सीमित उपलब्धता के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन सामूहिक प्रयासों से आग को फैलने से रोक लिया गया। प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार इस घटना में चार गौशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। गनीमत यह रही कि किसी भी प्रकार की जानी क्षति नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग और प्रशासन को अवगत कराया गया। गुशेनी–पेखड़ी सड़क मार्ग केवल छोटे वाहनों के लिए खुला होने के कारण दमकल विभाग का छोटा वाहन ही मौके तक पहुंच सका। समय पर कार्रवाई और ग्रामीणों की तत्परता से आसपास के रिहायशी मकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस आगजनी में लाल सिंह, मिलाप, गायत्री और भाग सिंह की गौशालाएं पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
तहसीलदार बंजार नीरज शर्मा ने बताया कि पेखड़ी गांव में आग से चार गौशालाएं प्रभावित हुई हैं। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी तीर्थन घाटी के झनियार गांव में आगजनी की बड़ी घटना सामने आ चुकी है, जिसमें कई मकान जलकर खाक हो गए थे। लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं से क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र राहत देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
