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    Wednesday, December 3, 2025

    “हिमाचल प्रदेश कृषि, औद्योगिकी और वानिकी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2023 राजपत्र में जारी — युवा कांग्रेस के संघर्ष की बड़ी जीत”

     


    हिमाचल प्रदेश में कृषि, बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालयों में वाइस–चांसलर नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर अब निर्णायक विराम लग गया है। राज्य सरकार ने Himachal Pradesh Universities of Agriculture, Horticulture and Forestry (Amendment) Act, 2023 को आधिकारिक रूप से राजपत्र में जारी कर दिया है। यह संशोधन 1 दिसंबर से प्रभावी हो गया है।


    इस विधेयक के जारी होते ही युवा कांग्रेस ने इसे अपने संघर्ष की “बड़ी जीत” करार दिया है। युवा कांग्रेस प्रारंभ से ही Dr. Y.S. Parmar University of Horticulture & Forestry, Nauni की VC नियुक्ति को विश्वविद्यालय अधिनियम—1986 और ICAR दिशा–निर्देशों के विरुद्ध बताते हुए विरोध कर रही थी। संगठन ने स्पष्ट तर्क दिया था कि चयन समिति का गठन नियमों के अनुरूप नहीं किया गया और इसी तरह की खामियों के चलते हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने Palampur कृषि विश्वविद्यालय की VC नियुक्ति प्रक्रिया को पहले ही “अवैध” ठहराया था।


    युवा कांग्रेस ने पिछले एक वर्ष में प्रेस वार्ताओं, धरना–प्रदर्शनों, ज्ञापनों और राजभवन घेराव के माध्यम से यह मांग उठाई कि जब तक अधिनियम में स्पष्ट संशोधन नहीं किया जाता, तब तक की गई कोई भी नियुक्ति या विस्तार संवैधानिक रूप से मान्य नहीं है। इस आंदोलन का नेतृत्व युवा कांग्रेस राज्य अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर और महासचिव डॉ. रंजीत सिंह वर्मा ने किया, जिन्होंने प्रदेशभर के छात्रों और युवाओं को इस मुद्दे से जोड़ा।


    सरकार द्वारा पारित संशोधन के अनुसार अब VC नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार की aid and advice के आधार पर होगी। इसके साथ ही अधिनियम की धारा 2, 23, 24 में संशोधन और धारा 55-A जोड़कर नियुक्तियों को अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और नियमबद्ध बनाने की व्यवस्था की गई है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की अवैधता या मनमानी की गुंजाइश समाप्त होगी।


    युवा कांग्रेस ने कहा कि यह जीत केवल एक विधेयक पारित होने की जीत नहीं, बल्कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, छात्रों के भविष्य और उच्च शिक्षा की नैतिकता की जीत है। संगठन ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने छात्र–हितों को समझते हुए संशोधन को पारित कर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत दिशा दी है।


    युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि आगे भी वह उच्च शिक्षा में पारदर्शिता, मेरिट–आधारित नियुक्तियों और संवैधानिक प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए अपने संघर्ष को जारी रखेगी।

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