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    Wednesday, December 24, 2025

    एचपीएमसी की नई गाइडलाइन्स बागवानों पर सीधा हमला, वापस नहीं ली गईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन: चेतन बरागटा

     डी पी रावत 

    अखण्ड भारत दर्पण न्यूज 

    शिमला | 24 दिसंबर 2025

    हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी फल सब्जी विपणन एवं प्रसंस्करण संघ (एचपीएमसी) द्वारा एमआईएस के तहत खरीदे गए सेब के भुगतान को लेकर जारी की गई नई गाइडलाइन्स पर भाजपा नेता चेतन बरागटा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। बरागटा ने इन गाइडलाइन्स को बागवान विरोधी, किसान उत्पीड़क और अव्यावहारिक करार देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इन्हें तुरंत वापस नहीं लिया गया तो भाजपा प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।


    चेतन बरागटा ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, ओलावृष्टि, बारिश और बाजार की अनिश्चितताओं से पहले ही जूझ रहे सेब बागवानों पर कांग्रेस सरकार ने अब दस्तावेज़ी आतंक थोप दिया है। नई गाइडलाइन्स के तहत उद्यान कार्ड, आधार कार्ड और जमाबंदी जैसे अतिरिक्त दस्तावेज़ मांगकर भुगतान प्रक्रिया को जानबूझकर जटिल और लंबा बनाया जा रहा है, ताकि बागवानों को उनके हक की राशि से वंचित किया जा सके।

    उन्होंने सवाल उठाया कि जब एचपीएमसी ने एमआईएस के तहत सेब की खरीद की थी, तब किसी अतिरिक्त सत्यापन या कागजी औपचारिकताओं की शर्त नहीं थी। अब भुगतान के समय बागवानों को पटवारी, बागवानी विभाग और विभिन्न दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर करना कांग्रेस सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

    बरागटा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की हकीकत यह है कि अधिकांश भूमि संयुक्त, पुश्तैनी या लीज पर होती है। सेब उत्पादन को सख्ती से राजस्व रिकॉर्ड से जोड़ना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे वास्तविक बागवानों का भुगतान महीनों तक लटक सकता है। उन्होंने इसे बागवानों के मानसिक, आर्थिक और सामाजिक शोषण के समान बताया।

    भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि एचपीएमसी, जिसे बागवानों को राहत देने का माध्यम होना चाहिए था, कांग्रेस सरकार ने उसे पटवारीखाने और जांच एजेंसी में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह नीति न किसान हित में है और न ही प्रदेश हित में, बल्कि इससे बागवानों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।

    चेतन बरागटा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने तुरंत इन गाइडलाइन्स को वापस नहीं लिया और एमआईएस के तहत सेब का भुगतान सरल, पारदर्शी और बिना किसी बाधा के सुनिश्चित नहीं किया, तो भाजपा सेब बागवानों के साथ सड़कों पर उतरकर प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार की होगी, जिसने एक बार फिर अपनी किसान और बागवान विरोधी मानसिकता उजागर की है।

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