ग्रामीणों में दहशत का माहौल, प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार
ऑनलाइन डैस्क।
बंजार (कुल्लू) | 2 अगस्त
बंजार उपमंडल के बठाहड़ क्षेत्र का कुवनी गांव इन दिनों भूस्खलन के गंभीर खतरे से जूझ रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गांव के ठीक ऊपर बनी सड़क पर दरारें आ गई हैं, जिससे एक विशाल चट्टान खिसकने के कगार पर है। इस संभावित आपदा को भांपते हुए गांव के सात परिवारों के लगभग 40 सदस्यों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।
गौरतलब है कि बठाहड़ से सरूट-बशलेउ दर्रे की ओर निर्माणाधीन सड़क कुवनी गांव के पीछे से गुजर रही है। ग्रामीणों के अनुसार इसी सड़क के समीप भारी भूस्खलन हो रहा है और कई बड़े पत्थर खिसक कर सड़क पर आ टिके हैं। सबसे खतरनाक स्थिति उस विशाल चट्टान की है, जिसमें दरारें आ चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह चट्टान खिसकती है तो पूरा गांव इसकी चपेट में आ सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है।
ग्रामीण दरवारी लाल, कुरमदत्त, रपिंदर, गोलू, हिम सिंह, श्याम लाल और रिंकू ने बताया कि उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपने घर छोड़ दिए हैं। हालांकि, मवेशी अभी भी गांव में ही हैं, जिन्हें लेकर लोग चिंतित हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से अपील की है कि वे तुरंत मौके का निरीक्षण करें और गांव की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि चट्टान को नियंत्रित करने के लिए तत्काल भूवैज्ञानिक टीम भेजी जाए, ताकि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें। साथ ही, प्रभावित परिवारों के लिए राहत और पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
लोगों की चिंता अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।
अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक मौके पर पहुंचता है और इस गंभीर खतरे से जूझ रहे कुवनी गांव को राहत दिलाता है। ग्रामीणों की उम्मीदें शासन से जुड़ी हैं और वक्त रहते कार्रवाई न होने पर बड़ा हादसा
हो सकता है।
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