हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के सदर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत हवाण के गांव घरलेहड़ा में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान मुख्तयार सिंह (45) का आकस्मिक निधन हो गया। मुख्तयार सिंह 15 दिन की छुट्टी पर घर आए हुए थे और रविवार को ड्यूटी पर लौटने वाले थे, लेकिन अचानक पेट दर्द की शिकायत के बाद उनकी हालत बिगड़ गई।
जानकारी के अनुसार, जवान को तेज पेट दर्द होने पर परिजनों ने तुरंत घुमारवीं के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों ने उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा रेफर किया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली। मुख्तयार सिंह जम्मू के कुपवाड़ा में तैनात थे और अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के लिए जाने जाते थे।
जवान के निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में बुजुर्ग मां ज्ञानो देवी (सेवानिवृत्त शिक्षिका), पत्नी जो शिक्षा विभाग में मुख्य शिक्षिका हैं, और डेढ़ वर्ष की बेटी शामिल हैं। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
शनिवार को गांव में मुख्तयार सिंह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। दिल्ली स्थित सीआरपीएफ डीजी ऑफिस से पहुंचे जवानों ने उन्हें सलामी दी और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शोक संतप्त परिवार को राहत राशि के रूप में 75 हजार रुपये की सहायता दी गई। अंतिम यात्रा में क्षेत्र की कई पंचायतों के प्रतिनिधि, पूर्व विधायक और सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया।
‘भारत माता की जय’ के जयघोष और नम आंखों के बीच जब मुख्तयार सिंह की पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन हुई, तो पूरा गांव गमगीन हो उठा।
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