डी० पी० रावत, ऑनलाइन डैस्क।
नगरोटा बगवां, 13 जून।
ग्राम रोजगार सेवक संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष मुनीष कुमार, संगठन मंत्री पवन कुमार, महिला उपाध्यक्ष ऊषा देवी सहित प्रदेश भर के बुद्धिजीवी ग्राम रोजगार सेवकों ने पूर्व अध्यक्ष शिवराज द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान की कड़ी निंदा की है। शिवराज ने अपने हालिया बयान में सरकार को मनरेगा कार्य ठप करने की धमकी दी थी, जिसे संघ ने गैर-जिम्मेदाराना और संगठनविरोधी बताया है।
प्रदेशाध्यक्ष मुनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि शिवराज पहले भी सरकार और संगठन के खिलाफ निराधार व भड़काऊ बयानबाज़ी करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 में शिवराज द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों को सरकार के खिलाफ कोर्ट केस करने के लिए उकसाया जा रहा था। जब कुछ वरिष्ठ सदस्यों ने इसका विरोध किया, तो शिवराज ने स्वयं अपने पद से इस्तीफा दिया और यह स्वीकारा कि वह कोर्ट केस की तैयारी कर रहे थे।
शिवराज के इस्तीफे के एक माह पश्चात नगरोटा बगवां में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से मुनीष कुमार को प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वे हमीरपुर जिला के बमसन-टौणी देवी ब्लॉक से संबंध रखते हैं। उनके नेतृत्व में गठित नई कार्यकारिणी ने ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह के समक्ष नियमित रूप से मांगें रखीं। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
मुनीष कुमार ने दो टूक कहा कि संगठन की मर्यादा और एकता को खंडित करने वाले किसी भी पूर्व पदाधिकारी की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर ऐसी गैर-जिम्मेदार बयानबाज़ी नहीं रुकी, तो संघ को कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी पड़ेगी।