HUSH MONEY CASE
न्यूयार्क: अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शुक्रवार को औपचारिक तौर पर पॉर्न स्टार को मुंह बंद रखने के एवज में हश मनी का भुगतान करने के मामले में सजा सुनाई गई, लेकिन न्यायाधीश ने उन्हें न तो जेल की सजा दी और न ही कोई जुर्माना या प्रतिबंध लगाया।
फैसले को ट्रंप के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है और इससे उनके दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस में लौटने का रास्ता भी स्पष्ट हो गया है। 78 वर्षीय ट्रंप को मैनहट्टन की एक अदालत के न्यायाधीश जुआन एम मर्चन ने 'हश मनी' मामले में चार साल की सजा सुनाई थी। लेकिन उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने कई संवैधानिक मुद्दों को पनपने से रोक दिया।
डोनाल्ड ट्रम्प न्यूयॉर्क राज्य के न्यायाधीश जुआन मर्चेन के समक्ष सजा सुनाए जाने की सुनवाई के लिए वर्चुअली उपस्थित हुए (AFP)
अमेरिका में राष्ट्रपति पद पर काबिज होने वाले पहले व्यक्ति ट्रंप होंगे, जिन्हें एक आपराधिक मामले में दोषी करार दिया गया है। यह मामला 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को अपने एक सहयोगी के माध्यम से 1,30,000 डॉलर का भुगतान करने से जुड़ा हुआ है, ताकि वह उनके साथ यौन संबंध बनाने की बात को सार्वजनिक नहीं करे।
डोनाल्ड ट्रम्प और उनके वकील वकील टॉड ब्लैंच मैनहट्टन आपराधिक न्यायालय में स्क्रीन पर (AFP)
पूर्व राष्ट्रपति ने उच्चतम न्यायालय से पॉर्न स्टार को मुंह बंद रखने के लिए भुगतान करने के मामले में सजा सुनाने पर रोक लगाने की मांग की। हालाँकि, ट्रंप की याचिका उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दी थी, जिससे न्यायमूर्ति मर्चन को शुक्रवार को उनकी सजा घोषित करने का रास्ता साफ हो गया था। हालाँकि, न्यायमूर्ति मर्चन ने संकेत दिए कि वह ट्रंप को कोई जुर्माना या प्रतिबंध नहीं लगाएंगे और न ही उन पर जेल की सजा सुनाएंगे।News source

