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थुनाग से शिफ्ट होगा औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, अब सुंदरनगर में पढ़ेंगे विद्यार्थी

 


आपदा के बाद लिया गया बड़ा फैसला, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता


हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए थुनाग स्थित औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय को सुंदरनगर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने गुरुवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह अहम जानकारी साझा की।


नेगी ने बताया कि 30 जून की रात को आई भीषण आपदा के चलते थुनाग क्षेत्र में भारी तबाही हुई है। कॉलेज में पढ़ रहे करीब 300 विद्यार्थी नदी के किनारे स्थित किराये के घरों और पीजी में रहते थे, जो इस आपदा में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी विद्यार्थी समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए।


स्थायी भवन नहीं, व्यवस्थाएं भी अस्थायी


नेगी ने बताया कि महाविद्यालय का कोई स्थायी भवन नहीं है। यह फिलहाल ग्रामीण विकास विभाग के अधूरे भवन में संचालित हो रहा है। वहीं, कुछ कक्षाएं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के भवन में भी लगाई जा रही थीं। छात्राओं के लिए महज 60 सीटों वाला एक किराए का होस्टल ही उपलब्ध था।


सुरक्षा बनी प्राथमिकता, मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद हुआ निर्णय


मंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में थुनाग में विद्यार्थियों को रखना न तो सुरक्षित है और न ही व्यवहारिक। क्षेत्र में लगातार फ्लड की स्थिति बनी हुई है और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है।

इस विषय में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि महाविद्यालय को सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान सुंदरनगर स्थानांतरित किया जाएगा।


जल्द होंगे 100 और विद्यार्थियों के दाखिले


मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में कॉलेज में 100 नए विद्यार्थियों का दाखिला भी होना है। ऐसे में छात्रों और उनके अभिभावकों ने भी बार-बार स्थानांतरण की मांग उठाई थी। सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह कदम उठाया है।


सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा और भविष्य दोनों की दृष्टि से सराहनीय है। आपदा के बाद की जमीनी हकीकत को नजरअंदाज न करते हुए सरकार ने संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचय दिया है। अब जरूरत इस बात की है कि सुंदरनगर में महाविद्यालय को जल्द से जल्द पूर्ण सुविधाओं के साथ शुरू किया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।


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