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जनता की मांगों पर अब भी चुप है विभाग, क्रमिक धरने का आठवां दिन पूरे जोश के साथ जारी

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बुच्छैर में जनसंघर्ष मंच के बैनर तले प्रदर्शन, महिलाओं और युवाओं ने संभाली कमान

डी० पी० रावत।

निरमण्ड/आनी(हिमाचल प्रदेश),11 जून।

क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों की अनदेखी को लेकर जनसंघर्ष मंच बुच्छैर के तत्वावधान में चल रहा क्रमिक धरना मंगलवार को आठवें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और नौजवान धरना स्थल पर जुटे और अपनी उपस्थिति से आंदोलन को नया बल दिया।


धरना दे रहे लोगों की मुख्य मांग है कि लोक निर्माण विभाग सात सूत्रीय मांगों के आधार पर शीघ्र कार्य प्रारंभ करे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक विभाग स्थानीय स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक यह आंदोलन चरणबद्ध रूप से चलता रहेगा।


उपप्रधान चुनीलाल ने कहा कि, "आनी विधानसभा क्षेत्र की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। सभी राजनीतिक दल सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित हैं, जबकि जनता के बुनियादी मुद्दों पर कोई भी संजीदगी से कार्य नहीं कर रहा।"


जनसंघर्ष मंच के पदम प्रभाकर ने बताया कि धरने को आज आठ दिन हो चुके हैं लेकिन अब तक विभाग की ओर से एक मशीन भेजने के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री से नाराज़गी जताते हुए कहा कि, "आपके मंत्री रहते ऐसे हालात की उम्मीद नहीं थी।"


उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यदि 14 जून को प्रस्तावित जाम के बाद भी कोई समाधान नहीं निकलता है, तो आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री के बागासराहण दौरे तक धरना जारी रखा जाएगा।


एचकेएस के कार्यकर्ता प्रकाश और सुनील सराजी ने जुहाट में डंगे और रूमाली में स्लैब कलवर्ट से संबंधित विभागीय दावों को "झूठा" बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारी दो बार मौके पर आए लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई है।


धरने में पदम प्रभाकर, उपप्रधान चुनीलाल, प्रकाश, सुनील सराजी, ओम प्रकाश, शादी लाल, पिंका ठाकुर, लता, निटु, किरणा देवी, बिरमा देवी, सुलोचना समेत दर्जनों महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया।


प्रदर्शनकारियों ने सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराज़गी जताई और इसे "बीमार तंत्र" करार दिया। जनता की मांग है कि जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान हो, अन्यथा आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

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