बुधवार सुबह गौरी गांव में नेपाली मूल के तीन बच्चे भूस्खलन की चपेट में आने से मलबे में दब गए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तीनों बच्चों को मलबे से निकाला गया। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि इन बच्चों को गौरीकुंड हॉस्पिटल में उपचार के लिए लाया गया। जहां चिकित्सकों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक बच्चे का उपचार चल रहा है।
गौरीकुंड में भारी भूस्खलन, मलबे में दबे तीन बच्चों को निकाला, दो की मौत
Heavy landslide in Gaurikund, three children buried under debris were rescued, two died
गौरीकुंड में आज सुबह बड़ा हादसा हो गया है। यहां लगभग पांच बजे गौरी गांव में भारी भूस्खलन होने से तीन बच्चे मलबे में दब गए। तीनों बच्चों को मलबे से निकाला गया, जिनमें से दो बच्चों की मौत हो गई। एक बच्चे का उपचार चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ भारी बारिश के चलते कोटद्वार के चूना महेड़ा गांव में कई घरों के मलबे में दबने की सूचना है। यहां एक की मौत की खबर सामने आई है।