28 फ़रवरी, आनी (कुल्लू)।
डी० पी० रावत।
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़ : राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर हिमालयन मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (Himalayan Model Senior Secondary School) में ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिला। 28 फरवरी को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने विद्यालय परिसर को वैज्ञानिक चेतना और रचनात्मक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेंद्र ठाकुर ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन की हर समस्या का समाधान खोजने की दिशा है। उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित करने पर बल दिया।
🎨 पोस्टर निर्माण में दिखी रचनात्मक प्रतिभा
कक्षा 6 के विद्यार्थियों ने “विज्ञान और मानव जीवन”, “स्वच्छ ऊर्जा”, “जल संरक्षण” और “पर्यावरण संरक्षण” जैसे समसामयिक विषयों पर आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक पोस्टर प्रस्तुत किए। बच्चों की कल्पनाशीलता और विषय की गहन समझ ने निर्णायकों और उपस्थित जनों को प्रभावित किया।
🎤 कविता और भाषण में गूंजी विज्ञान की महत्ता
कविता पाठ प्रतियोगिता में छात्राओं ने विज्ञान की उपयोगिता को भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया। वहीं कक्षा 7 की छात्रा वंशिका ने “राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का महत्व” विषय पर प्रभावशाली भाषण देकर भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान और युवाओं की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।
🧪 प्रयोगों से समझाया विज्ञान का व्यवहारिक रूप
विज्ञान गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों ने वायु दाब, जल चक्र और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े रोचक प्रयोग प्रस्तुत किए। सरल एवं प्रभावी प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि विज्ञान को समझना जितना आवश्यक है, उतना ही रोचक भी।
❓ रोमांचक विज्ञान प्रश्नोत्तरी
चार टीमों के बीच आयोजित पाँच राउंड की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सामान्य ज्ञान से लेकर तार्किक प्रश्नों तक कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अंततः सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली टीम को विजेता घोषित कर सम्मानित किया गया।
🌟 प्रेरणादायक समापन
समापन समारोह में प्रधानाचार्य ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मजबूत करते हैं। विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार तथा अन्य प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का यह आयोजन न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर छिपे वैज्ञानिक कौशल को उजागर करने वाला भी सिद्ध हुआ।
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